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Child Safety Standards – Service World

  Last Updated: August 30, 2026 1. Introduction Service World is a service marketplace platform designed to help users discover and connect with service providers for various services such as electricians, plumbers, carpenters, drivers, teachers, repair technicians, and other professionals. Service World is committed to maintaining a safe environment for all users and has a zero-tolerance policy toward child sexual abuse and exploitation (CSAE) . 2. Zero-Tolerance Policy Service World strictly prohibits: Child sexual abuse or exploitation. Child sexual abuse material (CSAM). Sexual content involving minors. Grooming or attempts to sexually exploit minors. Sexual solicitation of minors. Any activity that promotes, facilitates, or encourages child exploitation. Sharing, uploading, requesting, or distributing CSAM. Using the platform to arrange or facilitate the sexual exploitation of children. Any user found engaging in such activities may have their account or content removed and ma...

Service World – Account & Data Deletion Request

  Last Updated: 30 August 2026 Thank you for using Service World. If you wish to delete your Service World account and associated data, you can request account deletion by contacting us. How to Request Account Deletion Send an email to: Email: kharteyes@gmail.com Use the subject line: Account Deletion Request – Service World Include the following details: - Your Name - Registered Mobile Number - Registered Email Address (if applicable) What Data Will Be Deleted Upon verification of your request, we will delete: - User Profile Information - Mobile Number - Worker Registration Details - Service Category Information - Profile Photos - User Activity Data associated with your account Data That May Be Retained Some information may be retained for a limited period if required for: - Legal compliance - Fraud prevention - Security purposes - Dispute resolution Retention Period Account deletion requests are generally processed within 30 days. Any retained data required by law will be securel...

SERVICE WORLD – PRIVACY POLICY / गोपनीयता नीति

Effective Date / प्रभावी तिथि: 30 August 2026 Contact Email / संपर्क ईमेल: kharteyes@gmail.com 1. INTRODUCTION / परिचय English Welcome to Service World. We respect your privacy and are committed to protecting your information. This Privacy Policy explains how information is collected, used, and protected when you use our application. Hindi Service World में आपका स्वागत है। हम आपकी गोपनीयता का सम्मान करते हैं और आपकी जानकारी की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह Privacy Policy बताती है कि ऐप का उपयोग करते समय जानकारी कैसे एकत्रित, उपयोग और सुरक्षित रखी जाती है। --- 2. INFORMATION WE COLLECT / हम कौन-सी जानकारी एकत्रित करते हैं English Service World may collect: • Device information (Device Model, OS Version) • App usage analytics • Crash reports and diagnostics • Advertising identifiers • Location information (if permission is granted) • User profile information provided during registration • Service provider details and work categories Hindi Service World निम्नलिखित जानकारी एकत्रित कर सक...

🗺️ 📑 भाग–2 : 📝 सीमांकन की पूरी प्रक्रिया — आवेदन से मौके की जांच और रिपोर्ट तक

📌 1. सीमांकन की प्रक्रिया कब शुरू होती है? जब किसी भूमि की सीमा स्पष्ट नहीं होती, पड़ोसी भूमि से विवाद होता है, अतिक्रमण का संदेह होता है या किसी अन्य वैधानिक कारण से भूमि की सीमा निर्धारित करना आवश्यक होता है, तब संबंधित व्यक्ति निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सीमांकन के लिए आवेदन कर सकता है। सीमांकन की वास्तविक प्रक्रिया राज्य के भूमि एवं राजस्व कानूनों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। इसलिए नीचे दी गई प्रक्रिया को सामान्य समझ के रूप में देखना चाहिए। --- 📝 2. सीमांकन के लिए आवेदन कैसे किया जाता है? सीमांकन के लिए आवेदन संबंधित राजस्व कार्यालय या राज्य में उपलब्ध ऑनलाइन राजस्व व्यवस्था के माध्यम से किया जा सकता है। आवेदन में भूमि की सही पहचान देना सबसे महत्वपूर्ण होता है। सामान्यतः इसमें: • आवेदक का नाम • ग्राम • तहसील • जिला • खसरा/सर्वे नंबर • भूमि का क्षेत्रफल • सीमांकन का कारण • संबंधित पक्षों की जानकारी जैसी जानकारी दी जा सकती है। --- 📄 3. आवेदन के साथ कौन-से दस्तावेज लगाए जा सकते हैं? मामले के अनुसार दस्तावेज अलग-अलग हो सकते हैं। संभावित दस्तावेज: • भूमि रिकॉर्ड की प्रति • खसरा वि...

🗺️ 📑 भाग–1 : सीमांकन क्या है? — अर्थ, उद्देश्य, जमीन की सीमा और कानूनी आधार

📌 1. सीमांकन का अर्थ क्या है? भूमि प्रशासन में सीमांकन (Demarcation) का अर्थ किसी भूमि की वास्तविक सीमा को उपलब्ध राजस्व रिकॉर्ड, नक्शे और मौके की स्थिति के आधार पर निर्धारित और चिन्हित करना है। सरल शब्दों में: किस जमीन की सीमा कहां से शुरू होती है और कहां समाप्त होती है, यह निर्धारित करना ही सीमांकन है। उदाहरण के लिए किसी व्यक्ति के पास खसरा नंबर 100 की 2 हेक्टेयर भूमि है और उसके चारों ओर दूसरे लोगों की जमीन है। यदि यह स्पष्ट नहीं है कि खसरा नंबर 100 की वास्तविक सीमा मौके पर कहां है, तो सीमांकन कराया जा सकता है। --- 🗺️ 2. सीमांकन की आवश्यकता क्यों पड़ती है? कई बार सरकारी रिकॉर्ड में जमीन की जानकारी उपलब्ध होती है, लेकिन मौके पर उसकी सीमा स्पष्ट दिखाई नहीं देती। पुरानी मेड़ समाप्त हो सकती है, सीमा चिन्ह हट सकते हैं या पड़ोसी व्यक्ति द्वारा जमीन पर कब्जा कर लिया गया हो सकता है। ऐसी स्थिति में यह पता लगाने के लिए कि रिकॉर्ड के अनुसार भूमि की सीमा कहां है, सीमांकन की आवश्यकता पड़ सकती है। --- 📜 3. सीमांकन का आधार क्या होता है? सीमांकन मनमाने तरीके से नहीं किया जाता। संबंधित राजस्व व्यव...

📑 भाग–6 : 📜 वसीयत, दानपत्र और न्यायालय के आदेश से नामांतरण

  📜 1. वसीयत के आधार पर नामांतरण यदि किसी भूमिस्वामी ने अपने जीवनकाल में अपनी संपत्ति के संबंध में वसीयत बनाई है, तो उसकी मृत्यु के बाद वसीयत नामांतरण के लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकती है। लेकिन केवल वसीयत दिखा देने से हर परिस्थिति में नाम सीधे लाभार्थी के नाम दर्ज हो जाए, यह आवश्यक नहीं है। वसीयत की वैधता, उस पर किसी की आपत्ति, लागू उत्तराधिकार कानून और राज्य की राजस्व प्रक्रिया को ध्यान में रखना पड़ सकता है। --- ✍️ 2. वसीयत क्या होती है? वसीयत वह कानूनी दस्तावेज है जिसके माध्यम से कोई व्यक्ति अपनी मृत्यु के बाद अपनी संपत्ति के संबंध में अपनी इच्छा व्यक्त कर सकता है। वसीयत में यह बताया जा सकता है कि मृत्यु के बाद संपत्ति किस व्यक्ति को मिलेगी। लेकिन वसीयत की वैधता के लिए लागू कानून की आवश्यकताओं का पालन होना जरूरी है। --- 👨‍👩‍👧‍👦 3. वसीयत होने पर वारिसों का क्या होगा? वसीयत होने के बावजूद परिवार के सदस्यों के अधिकारों का प्रश्न समाप्त नहीं हो जाता। यह देखना पड़ सकता है कि: • वसीयत वैध है या नहीं। • वसीयत वास्तव में मृतक ने बनाई थी या नहीं। • वसीयत पर कोई आपत्ति है या नहीं। • लाग...

📑 भाग–5 : ⚖️ नामांतरण में आपत्ति, विवाद और गलत नाम चढ़ने की पूरी प्रक्रिया

  ⚠️ 1. नामांतरण में विवाद कब होता है? नामांतरण की प्रक्रिया सामान्य रूप से तब आसान होती है जब भूमि के अधिकार को लेकर कोई विवाद न हो और दस्तावेज स्पष्ट हों। लेकिन कई परिस्थितियों में विवाद उत्पन्न हो सकता है। जैसे: • किसी वारिस का नाम छोड़ दिया गया हो। • गलत व्यक्ति को वारिस बताया गया हो। • किसी व्यक्ति ने जमीन पर अपना अधिकार बताया हो। • वसीयत को चुनौती दी गई हो। • बंटवारे पर सहमति न हो। • जमीन पहले ही किसी अन्य व्यक्ति को हस्तांतरित हो चुकी हो। • दस्तावेजों में आपस में अंतर हो। ऐसी स्थिति में नामांतरण की कार्यवाही विवादित हो सकती है। 📢 2. नामांतरण में आपत्ति क्या होती है? यदि किसी व्यक्ति को लगता है कि प्रस्तावित नामांतरण उसके अधिकार को प्रभावित करेगा, तो वह संबंधित प्रक्रिया के अनुसार आपत्ति दर्ज कर सकता है। आपत्ति का उद्देश्य अधिकारी को यह बताना होता है कि रिकॉर्ड में प्रस्तावित परिवर्तन सही नहीं है या उस पर विचार किया जाना आवश्यक है। आपत्ति में केवल यह कहना पर्याप्त नहीं होता कि “मुझे जमीन चाहिए।” आपत्ति के समर्थन में उपलब्ध दस्तावेज और तथ्य देना महत्वपूर्ण हो सकता...